मेष लग्न के सातवें भाव में सूर्य का फल

Effect of Sun in seventh house of Aries ascendant
मेष लग्न के 7 वें भाव मे सूर्य फल

मेष लग्न के सातवें भाव में सूर्य का फल

मेष लग्न के सातवें भाव में सूर्य का फल जय सियाराम मित्रों! हमने इससे पहले वाले लेख में मेष लग्न के छठे भाव में सूर्य देव के बैठने पर जातक को क्या परिणाम प्राप्त होते हैं, इसके ऊपर प्रकाश डाला था उस लेख में अंतिम पंक्तियों में मैंने कहा था कि आगे वाले लेख में मेष लग्न में सूर्य के सप्तम भाव में बैठने पर जातक को क्या परिणाम प्राप्त होते हैं, यह बताऊंगा तो आज के लेख में मैं आपको सप्तम भाव में बैठे हुए सूर्य के बारे में बताऊंगा।

मेष लग्न में सूर्य सप्तम भाव में होने पर ?

मेष लग्न में सूर्य सप्तम भाव में होने पर नीच का होता है।

मेष लग्न में सूर्य पंचम स्थान के स्वामी होते हैं। जिससे यह अति शुभ फलदाई होते हैं। पंचम स्थान की गिनती त्रिकोण स्थानों में होती है। और पंचमेश शुभ फलदाई होते हैं।

सप्तम स्थान में सूर्य तुला राशि पर होता है, जो सूर्य की नीच राशि है। सूर्य के नीच राशि में बैठने से जातक के ऊपर क्या-क्या प्रभाव होते हैं, इसके ऊपर हम आगे चर्चा करेंगे।

तुला राशि में १० अंश पर परम नीच होता है सूर्य

प्रिय पाठको सूर्य जब तुला राशि में 10 अंश पर होते हैं, तो इस स्थिति को सूर्य की परम नीच की स्थिति माना जाता है। जब कुंडली में कोई भी ग्रह अपनी नीच स्थिति में बैठता है, तो वह शुभ फल दाता नहीं होता। उस पर भी अगर वह अपनी परम नीच स्थिति में बैठ जाए, तो प्रभाव बिल्कुल विपरीत रहते हैं।

जातक होता है अभिमानी

मेष लग्न के सप्तम भाव में सूर्य जब विराजमान होते हैं, तो यह उनकी नीच की राशि होती है। ऐसी स्थिति में जातक अभिमानी होता है, उसे घमंड होता है, जब किसी की मेष लग्न हो और सूर्य सातवें भाव में बैठे हों, ऐसे जातक के विवाह में विलंब होता देखा जाता है।

आत्मविश्वास में रहती है कमी

मेष लग्न के सप्तम भाव में सूर्य जब बैठे होते हैं, तब वह नीच राशि के होते हैं, इसकी वजह से जातक को आत्मविश्वास प्राप्त नहीं होता। वह अगर किसी नशे का आदी हो जाए, तो सहज ही नशा त्याग नहीं कर सकता। साथ ही उसके सम्बन्ध सरकार से अच्छे नहीं रहते।

पिता का प्रेम नहीं मिलता

मेष लग्न के सातवें भाव में सूर्य बैठे हो तो ऐसी स्थिति में जातक के अपने पिता से भी संबंध मधुर नहीं रहते। अथवा पिता का साया ज्यादा दिन तक उसके सर पर नहीं रहता। पिता का साया अगर रहेगा तो दोनों में अनबन रहेगी।

पराक्रम में कमी देखने को मिलती है, कहीं-कहीं जातक अति बहादुरी का काम करता है जिससे बाद में उसको नुकसान उठाने पड़ते हैं।

विवाह के बाद होता है भाग्योदय

मेष लग्न हो और सूर्य सातवें भाव में बैठे हों, तो जातक का विवाह होने के उपरांत भाग्योदय होता है। जातक मुकदमों में भी फसा दिखाई देता है। ऐसे व्यक्ति के सुंदरता में भी कुछ कमी दिखाई देती है।

जब पंचम भाव का स्वामी नीच राशि का होकर सप्तम भाव में विराजमान हो जाता है, तब ऐसी स्थिति में जातक अपने जीवनसाथी को शक की दृष्टि से देखता है। वह अपने जीवनसाथी पर विश्वास नहीं करता।

पार्टनरशिप नहीं चल पाती

मेष लग्न हो और सूर्य सप्तम भाव में बैठे हो ऐसी स्थिति में जातक किसी से भी पार्टनरशिप करता है वह पार्टनरशिप भी बहुत समय तक नहीं चलती। बार-बार पार्टनरशिप टूट जाती है व्यापार में भी नुकसान होते रहते हैं।

नेत्र रोग, सर पर बाल बहुत कम होते हैं

मेष लग्न के सप्तम भाव में सूर्य विराजमान हों तो इनकी सप्तम दृष्टि लग्न पर होती है, ऐसे व्यक्ति को नेत्र रोग होते देखे गए हैं। उनको उम्र से पहले ही चश्मा लग जाता है। ऐसे व्यक्तियों के सर पर बाल बहुत कम होते हैं, अक्सर ऐसे लोग उम्र के साथ गंजे होते जाते हैं।

सूर्य की महादशा उत्तम फल देने वाली होती है

सूर्य जब सप्तम भाव में बैठे होते हैं, और मेष लग्न होती है ऐसी परिस्थिति में सूर्य की महादशा उत्तम फल देने वाली होती है। जातक 24 वर्ष की आयु के बाद उन्नति पथ पर आगे बढ़ना शुरू हो जाता है।

और यह बढ़ोतरी लगातार होती रहती है। ऐसे जातक के बच्चे विदेश में जाकर धनी, मान, प्रतिष्ठा वाले एवं दानदाता होते हैं।

अगले लेख में मेष लग्न के आठवें भाव में सूर्य पर करेंगे चर्चा

प्रिय पाठको! आज के इस लेख में मैंने मेष लग्न के सातवें भाव में बैठे सूर्य देव का प्रभाव जातक के ऊपर कैसा रहेगा इसके ऊपर लिखा है। अगले लेख में मेष लग्न के आठवें भाव में सूर्य बैठे हों तो जातक के ऊपर क्या प्रभाव दिखाते हैं। इसके ऊपर चर्चा करेंगे।

अगर आपका कोई प्रश्न है तो, वह आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर भेज सकते हैं। हम यथाशीघ्र आपके प्रश्नों का उत्तर देंगे। वहीं अगर आप हमसे अपनी कुंडली का विश्लेषण कराना चाहते हैं तो नीचे दिए गए नंबर पर व्हाट्सएप करके समाधान पा सकते हैं।

इसी के साथ नमस्कार जय सियाराम।

ज्योतिष संजीव चतुर्वेदी, आगरा 7983159910

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